Work, power and energy in hindi

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

1. विज्ञान (science) के दृष्टिकोण (view)से हम कब कहते हैं कि कार्य (work) किया गया है ?

उत्तर-
किसी वस्तु पर बल लगाने से विस्थापित हो जाय तो हम कहते हैं कि बल द्वारा कार्य हुआ है ।

2. जब किसी वस्तु पर लगनेवाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखें।

उत्तर-
W = Fs

3. 1 जूल (J) को परिभाषित करें।

उत्तर-
किसी वस्तु पर एक न्यूटन का बल लगाने से बल की दिशा में वह वस्तु 1 मीटर विस्थापित हो जाया है, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।
1 जूल = 1 न्यूटन × 1 मी

4. एक पिंड (object) को धरती(earth) से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिंड के पथ के प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य (work) किया गया?

उत्तर-
किया गया कार्य शून्य होगा।

5. पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए किसी उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा?

उत्तर-
किया गया कार्य शून्य होगा, क्योंकि लगने वाला बल और विस्थापन एक दूसरे के लंबवत होता है

6. किसी वस्तु (object) का त्वरण (acceleration) शून्य (zero) हो सकता है चाहे उस पर कई बल (force) कार्य (work) कर रहे हों। क्या आप इससे सहमत हैं? बताइए क्यों ?

उत्तर-
हाँ, सहमत है क्योंकि यदि किसी वस्तु पर लगनेवाले सभी बलों का परिणामी ( resultant) शून्य हो तो वस्तु का त्वरण भी शून्य होगा ।

7. किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा के लिए व्यजक लिखें।

उत्तर-
E=½mv²

8. क्या किसी वस्तु (object) की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) का ऋणात्मक मान ( negative values)हो सकता है?

उत्तर-
किसी वस्तु (object) की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) का मान ऋणात्मक (negative values) नहीं हो सकता है

9. कोई पिंड (object) एक निश्चित ऊँचाई (certain height) से गिराया जाता है। गिरते समय falling time) किस प्रकार की ऊर्जा का रूपांतरण हो रहा है?

उत्तर-
स्थितिज ऊर्जा ( potential energy)से गतिज ऊर्जा (kinetic energy) में।

10. मुक्त रूप से गिरता (free falling) हुआ पिंड अंततः धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है। इसकी गतिज ऊर्जा (kinetic energy) का क्या होता है?

उत्तर-
पिंड की गतिज ऊर्जा (kinetic energy) ऊष्मा (heat) और ध्वनि ऊर्जा के रूप में परिवर्तित हो जाती है।

11. शक्ति क्या है?

उत्तर-
कार्य (Work) करने की दर को शक्ति (Power) कहते है

12. 1 वाट शक्ति को परिभाषित करें।

उत्तर-
जब 1 सेकंड (second) में 1 जूल कार्य (work) किया जाता है, तो कार्य (work) करने की दर या ऊर्जा (energy) व्यय करने की दर 1 वाट कहलाती है।

13. 1 किलोवाट घंटा ( kWh ) की परिभाषा दें।

उत्तर-
1 किलो (kilo) वाट (Watt) घंटा (hour) से तात्पर्य है की, 1 किलोवाट यानि 1000 वाट(Watt) क्षमता वाली मशीन 1 घंटे के लिए प्रयोग की जाती है, तो हम कहते हैं कि 1 किलोवाट घंटा (kWH) ऊर्जा (energy) का उपयोग किया जा रहा है। किलोवाट घंटा (kilo watt hour) को ऊर्जा (watt) की 1 इकाई भी कहा जाता है।

14. 1kW की दर से घंटे में व्यय हुई ऊर्जा कितने किलोवाट घंटा के बराबर होती है?

उत्तर-
एक किलोवाट घंटा = 36 लाख जूल।

15. ऊर्जा रूपांतरण की दर को क्या कहते है ?

उत्तर-
शक्ति ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. विज्ञान के दृष्टिकोण से कार्य की जो परिभाषा है, उसके - अनुसार बताएँ कि निम्नलिखित क्रियाकलापों में कार्य हो रहा है अथवा नहीं।

(a) ऊषा एक तालाब में तैर रही,
उत्तर-
हाँ,
(b) एक घोड़े ने अपनी पीठ पर बोझ उठा रखा है।
उत्तर-
नहीं,
(c) एक पवन चक्की (विंड मिल) कुएँ से पानी उठा रही है।
उत्तर -
हाँ
(d) एक पौधे की हरी पत्तियों में प्रकाशसंश्लेषण की प्रक्रिया हो रही है।
उत्तर-
नहीं
(e) एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।
उत्तर-
हाँ
(f) अनाज के दाने धूप में सूख रहे हैं।
उत्तर-
नहीं
(g) एक पाल नाव पवन ऊर्जा के कारण गतिशील है।
उत्तर-
हाँ

2. 10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को मेज पर किसी बिंदु A से दूसरे बिंदु B तक लाया जाता है। यदि A तथा B को मिलानेवाली रेखा क्षैतिज हो तो वस्तु पर गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

उत्तर-
गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होगा, क्योंकि यहाँ वस्तु का A से B तक विस्थापन गुरुत्व-बल के लंबवत दिशा में हो रहा है।

3. क्या किसी पिंड पर लगनेवाले किसी भी बल की अनुपस्थिति में. इसका विस्थापन हो सकता है? अपने उत्तर की व्याख्या करें।

उत्तर-
हाँ, बल की अनुपस्थिति में भी पिंड का विस्थापन हो सकता है। बल की अनुपस्थिति (अर्थात F = 0) में पिंड का त्वरण शून्य होगा और पिंड एकसमान वेग से गतिशील रहेगी (न्यूटन का प्रथम गति नियम )

4. कोई मनुष्य किसी बोझ को अपने सिर पर आधे घंटे तक रखे रहता है और थक जाता है क्या उसने कोई कार्य किया या नहीं?

उत्तर-
चूँकि ऐसी स्थिति में बोझ का विस्थापन शून्य है, इसलिए मनुष्य ने कोई कार्य नहीं किया ।

6. किसी वस्तु का द्रव्यमान (mass) दुगुना करने पर या उसका वेग दुगुना करने पर उसकी गतिज ऊर्जा (kinetic energy) किस स्थिति में अधिक प्रभावित होगी ?

उत्तर-

वेग दुगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुना अधिक हो जायेगी।

7. जब कोई चालक (Driver) किसी पहाड़ी पर अपना वाहन (Van) चढ़ाता है। तब उसकी चाल(speed) को क्यों बढ़ा देता है?

उत्तर-

जब चालक वाहन को पहाड़ी पर चढ़ाता है तब वाहन की स्थितिज ऊर्जा उसकी गतिज ऊर्जा (kinetic energy) की कीमत पर बढ़ती है। अतः स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के कारण गतिज ऊर्जा (kinetic energy) की कमी को पूरा करने के लिए चालक वाहन की चाल (speed) को बढ़ा देता है।

8. मुक्त रूप से गिरते हुए एक पिंड की स्थितिज ऊर्जा (potential energy)लगातार कम होती जाती है। क्या यह ऊर्जा संरक्षण (conservation of energy) नियम का उल्लंघन करता है? कारण बताएँ ।

उत्तर-

पिंड ऊर्जा संरक्षण (conservation of energy) नियम का उल्लंघन नहीं करता है। मुक्त रूप से गिरते पिंड ( Particle) की स्थितिज ऊर्जा (potential energy), गतिज ऊर्जा ( kinetic energy) में रूपांतरित होती जाती है।

9. जब आप अपनी सारी शक्ति (power) लगाकर एक बड़ी चट्टान को धकेलना चाहते हैं और इसे हिलाने में असफल हो जाते हैं तो क्या इस अवस्था में ऊर्जा (energy) का स्थानांतरण होता है? आपके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा कहाँ चली जाती है?

उत्तर-

हाँ, इस अवस्था में भी ऊर्जा का स्थानांतरण (transformation of energy) (रूपांतरण) होता है। हमारे द्वारा व्यय की गई ऊर्जा ऊष्मा (heat energy) में रूपांतरित हो जाती है।

10. जब आप साइकिल चलाते हैं तो कौन कौन सी ऊर्जाओं के रूमांतरण( transformation of energies) होते हैं?

उत्तर-

हमारी पेशियों में संचित रासायनिक ऊर्जा (chemical energy)साइकिल चलाते समय पैडल से यांत्रिक ऊर्जा (mechanical energy) में रूपांतरित होती है और फिर इस ऊर्जा (energy)से साइकिल के चक्कों को गतिज ऊर्जा (kinetic energy) प्राप्त होती है।

11. एक बैटरी (battery) बल्ब जलाती है। इस प्रक्रम में होनेवाले ऊर्जा (energy) परिवर्तनों का वर्णन करें।

उत्तर -

बैटरी में रासायनिक ऊर्जा (chemical energy) संचित रहती है। जब बल्ब जलता है तो वहीं रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा (electric energy) के रूप में और फिर यह विद्युत ऊर्जा (electric energy) प्रकाश ऊर्जा (light energy) और ऊष्मीय ऊर्जा में बदलती है ।

12. जब हम किसी सरल लोलक ( simple pendulum)के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तो यह दोलन करने लगता है। इसमें होनेवाले ऊर्जा परिवर्तनों की चर्चा करें गोलक कुछ समय पश्चात विराम अवस्था में क्यों आ जाता है? अंततः इसकी ऊर्जा का क्या होता है ?

उत्तर-

जब सरल लोलक का गोलक निर्वात (vacuum ) में दोलन करता है तो स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा (kinetic energy) और गतिज ऊर्जा का स्थितिज ऊर्जा (potential energy) में रूपांतरण होता रहता है। परंतु गोलक की कुल यांत्रिक ऊर्जा, अर्थात उसके स्थितिज ऊर्जा (potential energy) तथा गतिज ऊर्जा (kinetic energy) का योग हमेशा नियत रहता है (ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत)। परंतु जब गोलक वायु में दोलन करता है तो दोलन के क्रम में वायु से घर्षण के विरुद्ध कार्य करते-करते उसकी ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा (heat energy) के रूप में रूपांतरित होती जाती है और अंततः गोलक कुछ समय पश्चात (after some time) विराम की अवस्था में आ जाता है।

13. कार्य (work) , शक्ति (power) और ऊर्जा (energy) में विभेद करें।

उत्तर-

1. कार्य-
किसी वस्तु पर बल लगाने से विस्थापित हो जाय तो हम कहते हैं कि बल द्वारा कार्य हुआ है । यदि वस्तु पर आरोपित बल हो और वस्तु द्वारा बल की दिशा में तय की गई दूरी हो तो संपन्न कार्य (Work)
W=F×s.
ऊर्जा-
कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
शक्ति-
प्रति इकाई (एकांक) समय में किए गए कार्य को शक्ति कहते हैं।
2. कार्य और ऊर्जा के मात्रक जूल (1) होते हैं, परंतु शक्ति का मात्रक वाट (W) होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. कार्य की परिभाषा लिखें। धनात्मक कार्य, ऋणात्मक कार्य और शून्य कार्य की सोदाहरण व्याख्या करें।

उत्तर-
कार्य-
जब किसी वस्तु पर कोई बल लगे और उस बल के कारण वस्तु विस्थापित हो जाय तो हम समझते हैं कि कार्य हुआ है।
धनात्मक कार्य-
जब विस्थापन बल की दिशा में हो तो धनात्मक कार्य समझा जाता है
जैसे:-
किक मारने पर गेंद का आगे की ओर बढ़ना।
ऋणात्मक कार्य-
जब विस्थापन बल के विपरित दिशा में हो तो ऋणात्मक कार्य समझा जाता है।
जैसे:-
गाड़ी में ब्रेक लगाने से गाड़ी का रुक जाना।
शून्य कार्य-
जब बल लगे लेकिन विस्थापन शुन्य हो तो शुन्य कार्य समझा जाता है।
जैसे:-
कोई व्यक्ति बोझ उठा कर खड़ा हो तो विस्थापन शुन्य होने के कारण कार्य भी शुन्य होगा।

2. गतिज ऊर्जा की परिभाषा दें। वेग से गतिशील द्रव्यमान के पिंड की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक प्राप्त करें।

उत्तर-
किसी वस्तु में गति के कारण उत्पन्न उर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।
गतिज ऊर्जा-
किसी गतिशील वस्तु के पास कार्य करने की जो क्षमता होती है उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं।
जैसे- बन्दूक से निकली हुई गोली गतिशील हवा, झरने से गिरता पानी।
माना कि, m द्रव्यमान के पिण्ड पर F बल कार्य करता है जिससे पिण्ड में a त्वरण उत्पन्न होता है। पिण्ड का वेग s दूरी तय करने के बाद v हो जाता है। अब, प्रारम्भिक वेग - u= 0, अन्तिम वेग = v, त्वरण = a, दूरी = s, बल = F
अब, कार्य = बल × दूरी (विस्थापन)
w=F×s
=ma×s (∴F=ma)
= m. (as)
=½mv²(∴v²=0²+2as,∴as=½v²)
पिंड पर किया गया यही कार्य गतिज ऊर्जा के रूप में रहता है।

3. स्थितिज ऊर्जा की परिभाषा दें। पृथ्वी तल से ऊँचाई पर h द्रव्यमान के किसी पिंड की स्थितिज ऊर्जा के लिए व्यंजक प्राप्त करें।

उत्तर-
किसी वस्तु में स्थिति के कारण उत्पन्न उर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।
मान लिया किसी वस्तु को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध h ऊंचाई तक पहुंचे में किया गया कार्य w है जहां वस्तु का द्रव्यमान m है
स्थितिज ऊर्जा
(Ep)=वस्तु पर किया गया कार्य(W)
=f×h
=ma×h (f=ma)
=mgh (a=g)
Ep=mgh

4. ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत लिखें और इसे गणितीय रूप से सत्यापित करें।

उत्तर-
ऊर्जा संरक्षण का प्रतिपादन प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी जैम्स प्रैसकोट जूल के अनुसार-
किसी अयुक्त निकाय (isolated system) की कुल उर्जा समय के साथ नियत रहती है। अर्थात उर्जा का न तो निर्माण सम्भव है न ही विनाश; केवल इसका रूप बदला जा सकता है। उदाहरण के लिये गतिज उर्जा, स्थितिज उर्जा में बदल सकती है; विद्युत उर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा में बदल सकती है; यांत्रिक कार्य से उष्मा उत्पन्न हो सकती है।
मान लिया कि m द्रव्यमान की कोई वस्तु h ऊंचाई पर रुकी हुई है
E1
=Kp + Ek
=mgh+0
E1=mgh .........(1)
पुनः मान लिया कि वह वस्तु शुन्य वेग s दूरी तय करने के बाद v वेग प्राप्त कर लेती है।
E2
=Ep +Ek
=mgs + ½mv²
=mgs +½m[2g(h-s)]
=mgs + mgh - mgs
=mgh
=E1 [समीकरण (1) से]
E1=E2
सत्यापित

5. दिखाएँ कि मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड की कुल ऊर्जा नियत रहती है।

उत्तर-
मुक्त रूप से गिरते एक पिंड की स्थितिज उर्जा लगातार कम होती जाती है। नहीं ,यह यह उर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन नहीं करती है यह ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ही है । ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित होती है।  रूपांतरण से पहले और रूपांतरण के बाद कुल ऊर्जा सदा अचर रहती है। क्योंकि यदि स्थितिज ऊर्जा घट रही है तो गतिज ऊर्जा भी बढ़ रही है।
जब पिंड नीचे गिरता है तो उसका वेग बढ़ता जाता है अर्थात गतिज ऊर्जा बढ़ती रहती है (गतिज ऊर्जा चाल के साथ बढ़ती है)

आंकिक प्रश्न

1. 10 N का बल लगाने पर कोई वस्तु 50cm से विस्थापित होती है तो संपादित कार्य की गणना करें।

दिया गया है
F=10N; s=50cm ;F=?
सुत्र से,
w=FS
=

10×50100

=5N. Ans.

2. कुतुबमीनार की ऊँचाई 72m है। 50 kg का मनुष्य ऊपर तक चढ़ने में कितना कार्य करता है? (g = 10 m/s²)

दिया गया है
h=72m;m=50kg;w=?
सुत्र से,
w=FS
=mgh
=50×10×72
=36000J
=36kJ. Ans

3. 600 kg का कोई पिंड 30 m/s के वेग से चल रहा है। यदि प्रतिरोधी बल लगाकर इसे 150m की दूरी पर रोक लिया जाए तो बल का मान क्या होगा? इस अवधि में किए गए कार्य की भी गणना करें।

दिया गया है
m=600kg; u=30m/s; s=150m;F=?; w=?
सुत्र से,
W=½mv²
=½600×30²
=300×900
=270000
=27×10⁴j
पुनः
सुत्र से,
F=

ws


=

27×10⁴150


=0.18×10⁴
=1.8×10³N
[F= 1.8×10³ N; w=27× 10⁴ J]
Ans.

4. 2 m/s की चाल से घूमती हुई वस्तु की गतिज ऊर्जा 5J है। वस्तु का द्रव्यमान कितना है?

दिया गया है
v=2m/s; Ek=5J; m=?
सुत्र से,
½mv²=Ek
m=

2Ek


=

2×5


=

104


=2.5 kg. Ans.

5. एक पिंड ऊपर की ओर ऊर्ध्वाधरतः 1 J की गतिज ऊर्जा से फेंका जाता है। यदि पिंड 1 m की महत्तम ऊँचाई तक जाता हो तो उसका द्रव्यमान निकालें ।

दिया गया है
Ek=1J; h=1m; m=?
सुत्र से,
u²=v²-2gh
=0²-2×(-10)×1
=20
u=√20
पुनः
सुत्र से,
½mv²=Ek
m=

2Ek


=

2(√20)²


=

220


=

110


=0.1kg
=100g
Ans.

6. 50g द्रव्यमान वाली कोई गेंद 3 m की ऊँचाई से गिरती है। पृथ्वी की सतह पर पहुँचने के समय उसकी गतिज ऊर्जा की गणना करें। (g = 10 m/s² )

दिया गया है
m=50g; h=3m; Ek=?
सुत्र से,
v²=u²+2gh
v=√(u²+2gh)
=√(0²+2×10×3)
√60m/s
पुनः
सुत्र से,
Ek=½mv²
=

1×50×(√60)²2×1000


=

25×601000


=

15001000


=1.5J Ans

7. एक मनुष्य 6s में 120 J कार्य संपन्न करता है। उसकी शक्ति निकालें।

दिया गया है
t=6s; w=120J; p=?
सुत्र से,
P=

wt


=

1206

120/6
=20w Ans

8. कोई पंप 100 kg पानी 10s में 18 m की ऊँचाई तक पहुँचा देता है, तो पंप की शक्ति निकालें। (g = 10 m/s² )

दिया गया है
m=100kg; t=10s; h=18m. p=?
w=FS
=mgh(f=mg;s=h)
=100×10×18
=18000J
पुनः
सुत्र से,
p=

wt


=

1800010


=1800w
=

18001000

kw
=1.8kw. Ans.