गुरुत्वाकर्षण

Gravitation For Class 9 in Hindi
अतिलघु उत्तरीय

प्रश्न 1. गुरुत्वाकर्षण बल किसे कहते हैं?

उत्तर-
जिस बल से पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर आकर्षित करती है उसे गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं

2. गुरुत्वाकर्षण नियतांक का मान लिखें।

उत्तर-
G=6.67×10-¹¹Nm²/kg²

3. पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी वस्तु के बीच लगनेवाले गुरुत्वाकर्षण बल का परिमाण ज्ञात करने के लिए सूत्र लिखें।

उत्तर-
F=GMm/R²

4. यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी को आधा कर दिया जाए तो उनके बीच गुरुत्वाकर्षण बल किस प्रकार बदलेगा ?


उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण बल चार गुना हो जाएगा

5. पृथ्वी और चंद्रमा एक-दूसरे को गुरुत्वीय बल से आकर्षित करते हैं। क्या पृथ्वी जिस बल से चंद्रमा को आकर्षित करती है वह बल, उस बल से जिससे चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है बड़ा है या छोटा है या बराबर है? बताइए क्यों?


उत्तर –
ये दोनों बल क्रिया-प्रतिक्रिया बल हैं, अतः न्यूटन के तृतीय गति नियम से एक-दूसरे के बराबर होंगे।

6. पृथ्वी तथा किसी वस्तु के बीच के गुरुत्वाकर्षण बल को हम क्या कहते हैं?


उत्तर-
गुरुत्व बल

7. मुक्त पतन क्या है?


उत्तर- -
जब वस्तुएँ पृथ्वी की ओर केवल गुरुत्व बल के कारण गिरती हैं, तब हम कहते हैं कि वस्तुएँ मुक्त पतन में है।

8. मुक्त पतन का त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण क्या है?


उत्तर- -
जब कोई वस्तु मुक्त पतन में हो, अर्थात जब कोई वस्तु पृथ्वी के गुरुत्व बल के अधीन गिरती हो, तो उसके त्वरण को मुक्त पतन का त्वरण या गुरुत्वीय त्वरण कहते हैं ।

9. पृथ्वी के ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान महत्तम होता हैं या न्यूनतम ?

उत्तर-
महत्तम

10. कमानीदार तुला से किसी वस्तु का क्या मापा जाता है?

उत्तर-
भार

11. एक कागज की शीट, उसी प्रकार की शीट को मरोड़कर बनाई गेंद से धीमी क्यों गिरती है?

उत्तर-
वायु का प्रतिरोध कागज की गेंद की अपेक्षा कागज की शीट पर अधिक होता है, इसलिए गेंद की अपेक्षा शीट धीमी गिरती है।

12. किसी वस्तु के द्रव्यमान, उसके भार और गुरुत्वीय त्वरण में क्या संबंध है?

उत्तर-
वस्तु का भार
= वस्तु का द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण।

13. एक पिंड का द्रव्यमान 40 kg है। यदि पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण 10 m/s² हो, तो पृथ्वी पर इसका भार क्या होगा?

उत्तर -
भार
=40 kg x 10m / s²
= 400 kg m/s²
= 400 N.

14. एक पिंड को पृथ्वी से चंद्रमा पर ले जाया जाता है। क्या उसका
(i) द्रव्यमान
(ii) भार बढ़ता है या घटता है या अचर रहता है?

उत्तर-
(i) पिंड का द्रव्यमान अचर रहता है,
(ii) परंतु भार घटता है।

15. दाब क्या है? दाब का SI मात्रक लिखें।

उत्तर-
N/m²

16. प्रणोद से आप क्या समझते हैं? इसका SI मात्रक क्या होता है?

उत्तर-
किसी वस्तु की सतह के लंबवत लगने वाले बल का प्रणोद कहते हैं। इसका SI मात्रक N होता है

17. तेज धार वाली कैंची से कपड़ा कम बल लगाने पर भी क्यों कट जाता है?

उत्तर-
हम जानते हैं कि क्षेत्रफल घटाने से दाब बढ़ जाता है इसलिए कम बल लगाने पर भी कैंची से कपड़ा कट जाता है

18. मोटरगाड़ी या ट्रकों के टायर अधिक चौड़े क्यों होते हैं? उत्तर-
क्षेत्रफल बढ़ाने से दाब घट जाता है इसलिए मोटर गाड़ी या ट्रकों के टायर अधिक चौड़े होते हैं

19. किसी पिंड द्वारा विस्थापित द्रव का आयतन कितना होता है जब उसे द्रव में डुबोया जाता है ?

उत्तर-
किसी पिंड द्वारा विस्थापित द्रव का आयतन पिंड के आयतन के बराबर होता है

20. किसी द्रव में डुबोई गई वस्तु पर उत्प्लावन बल किस दिशा में कार्य करता है?

उत्तर--
वस्तु पर उत्प्लावन बल ऊपर की ओर लगता है।

21. पानी के भीतर किसी प्लास्टिक के गुटके को छोड़ने पर यह पानी की सतह पर क्यों आ जाता है?

उत्तर-
प्लास्टिक के गुटके पर ऊपर की ओर लगता उत्प्लावन बल उसपर नीचे की ओर गुरुत्व बल से अधिक होता है। अतः, गुटका पानी की सतह पर आ जाता है।

22. यदि दो पिंड एक ही द्रव में पूरी तरह डूबे हों और उनके भारों की हानियाँ समान हों, तो उन पिंडों के आयतनों के बीच क्या संबंध होगा?

उत्तर-
उन दोनों पीने के आयतन भी समान होंगे।

23. आपेक्षिक घनत्व का मात्रक क्या होता है?

उत्तर-
इसका कोई मात्रक नहीं होता है

24. किसी पदार्थ के आपेक्षिक घनत्व, उसके घनत्व और पानी के घनत्व में क्या संबंध है?

उत्तर-
किसी पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व=(वस्तु का घनत्व)/(4°C पर पानी का घनत्व)

25. द्रव की उत्प्लावकता के दो उपयोगों का उल्लेख करें।

उत्तर-
(i) जहाज का पानी पर प्लवन करना तथा
(ii) मनुष्य का पानी में तैरना

26. पास्कल का नियम क्या है?

उत्तर-
पास्कल का नियम-
बंद द्रव के किसी भाग पर डाला गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचालित होता है

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम लिखिए।

उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम-
इस नियम का प्रतिपादन सर आइज़क न्यूटन द्वारा किया गया है इस नियम के अनुसार, ब्रह्मांड में एक कण प्रत्येक दूसरे कण को एक बल से आकर्षित करता है जिसका परिमाण
1.कणों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है तथा
2.उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

2. गुरुत्वाकर्षण नियतांक G को सार्वत्रिक नियतांक क्यों कहा जाता है?

उत्तर-
G का मान कोणों के प्रकृति उसके द्रव्यमान या उसके बीच की दूरी माध्यम, समय, ताप इत्यादि पर निर्भर नहीं करता है यह ब्रह्मांड के सभी कोणों के लिए समान होता है इसलिए इसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते हैं

3. दो वस्तुओं के बीच लगनेवाले गुरुत्वाकर्षण बल का क्या होगा, यदि
(i) एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाए?
(ii) वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए ?
(iii) वस्तुओं के बीच की दूरी तीन गुनी कर दी जाए?
(iv) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दोगुने कर दिए जाएँ ?

उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम से दो वस्तुओं के बीच लगनेवाला गुरुत्वाकर्षण बल
(i) एक वस्तु का द्रव्यमान दोगुना कर देने पर दोगुना हो जाएगा।
(ii) वस्तुओं के बीच की दूरी दोगुना करने पर ¼गुना हो जाएगा।
(iii) वस्तुओं के बीच की दूरी तीन गुनी करने पर ⅑ गुना हो जाएगा।
(iv) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान को दोगुना करने पर चार गुना हो जाएगा।

4. गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का क्या महत्त्व है ?

उत्तर-
गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम ने नीचे दी गई कई घटनाओं को सफलतापूर्वक समझाया:
(i) वह बल जो हमें पृथ्वी से बांधता है।
(ii) पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति।
(iii) सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति।
(iv) चन्द्रमा और सूर्य के कारण ज्वार भाटा।
(v) नदियों में जल का प्रवाह जल पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण भी होता है।

5. सभी वस्तुओं पर लगनेवाला गुरुत्व बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती होता है। फिर एक भारी वस्तु हलकी वस्तु के मुकाबले तेजी से क्यों नहीं गिरती ?

उत्तर-
चूँकि गुरुत्वीय त्वरण (g = GM/R²) वस्तु के द्रव्यमान mm पर निर्भर नहीं करता, इसलिए अधिक द्रव्यमान की वस्तु अर्थात भारी वस्तु कम द्रव्यमान की वस्तु, अर्थात हलकी वस्तु की अपेक्षा तेजी से नहीं गिरती, बल्कि दोनों साथ-साथ गिरती हैं।

6. यदि चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है, तो पृथ्वी चंद्रमा की और गति क्यों नहीं करती?

उत्तर-
न्यूटन के द्वितीय गति नियम से किसी दिए हुए बल के लिए त्वरण वस्तु के द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है। चंद्रमा की अपेक्षा पृथ्वी का द्रव्यमान बहुत अधिक है, इसलिए हम पृथ्वी को चंद्रमा की ओर गति करते नहीं। देखे पाते ।

7. किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा भार में क्या अंतर है?

उत्तर-
भार और द्रव्यमान में अंतर
द्रव्यमान द्रव्य का जितना परिमाण किसी वस्तु में होता है, वह उस वस्तु का द्रव्यमान कहलाता है। जबकि भार किसी वस्तु को पृथ्वी जिस आकर्षण बल से अपने केंद्र की ओर खींचती है, उसे वस्तु का भार कहते हैं।

8. किसी वस्तु का चंद्रमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का गुना क्यों होता है?

उत्तर-
किसी वस्तु का भार गुरुत्वीय त्वरण के g समानुपाती है, अर्थात wag और चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का 8m पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण 8 गुना होता है। इसलिए, किसी वस्तु का चंद्रमा पर भार पृथ्वी पर इसके भार का 1 होता है।

9. एक व्यक्ति M अपने मित्र N के लिए पृथ्वी के ध्रुव के पास की जगह पर कुछ सोना खरीदकर उसे विषुवत वृत्त के पास रहनेवाले N को देता है। क्या N खरीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा? यदि नहीं, तो क्यों ?

उत्तर –
पृथ्वी के ध्रुव (pole) पर गुरुत्वीय त्वरण का मान - विषुवत वृत्त (equator) पर गुरुत्वीय त्वरण के मान ४० 8 p से अधिक होता है। अतः उस कुछ द्रव्यमान के सोने का भार ध्रुव की अपेक्षा विषुवत वृत्त पर कम प्रतीत होगा। इसलिए N सोने के भार से संतुष्ट नहीं होगा ।

10. एक पतली परंतु मजबूत डोरी से बने पट्टे की सहायता से किताबों से भरे स्कूल बैग को उठाना कठिन होता है, क्यों?

उत्तर –
जब हम पतली डोरी से बने पट्टे की सहायता से - किताबों से भरे स्कूल बैग को उठाते हैं तो बैग का सारा भार हमारे हाथ पर पतली डोरी के बहुत कम क्षेत्रफल के बराबर के क्षेत्रफल पर आरोधित होता है, जिससे हाथ पर अत्यधिक दाब पड़ता है। इसलिए, पतली डोरी के पट्टे से भारी बैग को उठाना कष्टकर और कठिन होता है।

11. एक भारी बक्से को पतले तार के बने हत्थे से ले जाना कठिन होता है, पर लकड़ी या प्लैस्टिक के चौड़े हत्थे से ले जाना आसान होता है। क्यों?

उत्तर-
भारी बक्से को इसके हत्थे से उठाने पर हाथ पर दाम पड़ता है और दाय बल क्षेत्रफल बक्से को उठाने में लगा बल तो नियत है, अतः यदि क्षेत्रफल अधिक हो, तो दाद कम हो जाएगा। पतले तार के बने हत्थे का क्षेत्रफल कम रहता है, इसलिए बक्से को उठाने पर तलहथी पर दाब अधिक पड़ता है। परंतु लकड़ी या प्लैस्टिक के बने भोटे-चौड़े हत्थे का क्षेत्रफल अधिक रहता है, इसलिए बक्से को उठाने पर तलहथी पर दाब अपेक्षाकृत कम पड़ता है। जिससे सुविधा होती है।

12. उत्प्लावकता से आप क्या समझते हैं?

उत्तर-
तरल पदार्थ (गैस तथा द्रव) का वह गुण जिसके कारण किसी वस्तु को उसमें डुबाये जाने पर वह वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है, वह बल उत्प्लावकता कहलाता है।

13. आर्किमीडीज का सिद्धांत क्या है?

उत्तर-
आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार जब एक ठोस वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो उसके भार में कमी का आभार होता है। उस वस्तु के भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है। चुकी इस नियम की खोज महान यूनानी भौतिक गणितज्ञ आर्किमिडीज ने किया था, इसलिए उनके नाम पर इस सिद्धान्त को आर्किमिडीज का सिद्धांत कहा जाता है.

14. पानी की सतह पर रखने पर कोई वस्तु क्यों डूबती या तैरती है ?

उत्तर-
पानी की सतह पर रखने पर कोई वस्तु तैरती या डूबती है ये इनके घनत्वों में अंतर के कारण होता है।
(1)यदि पानी की सतह पर रखी गई वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से कम होगा तो वह वस्तु तैरती रहेगी।
(2)यदि पानी की सतह पर रखी गई वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से अधिक होगा तो वस्तु डूब जाएगी।

15. पिंड के भार को क्या होता है जब उसे द्रव में डुबोया जाता है ?

उत्तर-
जब किसी पिंड को द्रव में डुबाया जाता है तब उसपर एक उत्प्लावन बल (force of buoyancy) ऊपर की ओर कार्य करता है। इस बल के कारण पिंड के भार में हानि होती है। पिंड के भार में यह हानि पिंड द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होती है।

16. एक तुला (weighing machine) पर आप अपना द्रव्यमान 48 kg नोट करते हैं। क्या आपका द्रव्यमान ठीक 48 kg है। या उससे थोड़ा कम या अधिक ?

उत्तर-
हमारा द्रव्यमान 48 kg से कुछ अधिक होगा, क्योंकि जब किसी वस्तु को तुला के पलड़े पर रखकर तौला जाता है तो वह कुछ हवा को विस्थापित करती है और आर्किमीडीज के सिद्धांत से वस्तु द्वारा हटाए गए हवा के भार के बराबर का उत्प्लावन बल वस्तु पर ऊपर की ओर लगेगा। इससे वस्तु के भार में कुछ कमी हो जाएगी। अतः तुला द्वारा दिया गया द्रव्यमान 48 kg हमारे वास्तविक द्रव्यमान से थोड़ा कम होगा।

17. आपके पास एक रुई का बोरा है तथा एक लोहे की छड़ है। तुला पर मापने पर दोनों 10 kg दर्शाते हैं। क्या दोनों के वास्तविक भार बराबर हैं? नहीं, तो दोनों में कौन-सा भारी है। और क्यों?

उत्तर –
तुला के दोनों पलड़ों पर रखे रुई के बोरे और लोहे की छड़ के भार बराबर नहीं हैं। रुई का वास्तविक भार लोहे के छड़ के वास्तविक भार से अधिक होगा। कारण रुई की अपेक्षा लोहे का घनत्व बहुत अधिक होता है, अतः लगभग समान द्रव्यमान के रुई और लोहे में रुई का आयतन लोहे की अपेक्षा बहुत अधिक होगा। इसलिए, एक पलड़े पर रखा हुआ रुई का गोरा दूसरे पलड़े पर रखे लोहे की छड़ की तुलना में बहुत अधिक हवा को विस्थापित करेगा। आर्किमीडीज के सिद्धांत से रुई के बोरे पर लोहे के छड़ की तुलना में अधिक उत्प्लावक बल लगेगा। ऊपर की ओर रुई के बोरे पर अधिक उत्प्लावक बल लगते हुए भी तुला के पलड़े संतुलित है तो इसका अर्थ यह हुआ कि रुई के बोरे का द्रव्यमान लोहे के छड़ के द्रव्यमान से कुछ अधिक है ।

18. लोहे की कील पारे में तैरती है, परंतु पानी में डूब जाती है। क्यों?

उत्तर-
लोहे का घनत्व 7.8x10 kg/m तथा पारे का घनत्व 13.6 x 10 kg/m है। जब लोहे की कील को पानी में जिसका घनत्व 1 x 10 kg/m है. डुबाया जाता है तब उसके द्वारा विस्थापित द्रव (पानी) का भार कील के भार से कम होता है, इसलिए वह पानी में डूब जाता है। परंतु उसी कील को जब पारे में डुबाया जाता है तब उसके द्वारा विस्थापित पारे का भार कील के भार से अधिक होता है। इसलिए, कील पारे में तैरती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

1. गुरुत्वीय त्वरण के मान में किन-किन कारणों से परिवर्तन हो सकता है?

उत्तर-
g का मान निम्न कारकों के कारण प्रभावित होता है
1. पृथ्वी का आकार (shape of earth)
2. वस्तु की पृथ्वी सतह से ऊँचाई (variation in g with height)
3. पिण्ड की पृथ्वी की सतह से गहराई ( variation in g with depth)
4. पृथ्वी के अक्षीय घूर्णन के कारण (variation in g due to rotation of earth)
अब इन चारों कारकों को विस्तार से अध्ययन करते है और इनके प्रभाव के कारण गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र ज्ञात करते है।

2. गुरुत्व बल और भार किसे कहते हैं? उनके अंतर को करें।

उत्तर-
पृथ्वी जिस आकर्षण बल से किसी पिंड को अपनी तरफ आकर्षित करती है उस बल को गुरुत्व बल कहते हैं।
भार=द्रव्यमान×गुरुत्वीय त्वरण
किसी वस्तु को ऊपर उठाने में गुरुत्व बल के विरुद्ध बल जितना बल लगाना पड़ता है उस बल को भार कहते हैं
भार=द्रव्यमान×गुरुत्वीय त्वरण

3. गुरुत्वीय त्वरण का व्यंजक प्राप्त करें। पृथ्वी की सतह पर यह व्यंजक क्या होगा?

मान लिया पृथ्वी का द्रव्यमान M तथा त्रिज्या R है और पृथ्वी के सतह पर किसी वस्तु का द्रव्यमान m है अब न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से
F=GMm/R² ---------(1)
पुनः, न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से
F=mg ----------(2)
(जहां g=गुरुत्वीय त्वरण है)
अब समीकरण (1) तथा (2) से
mg=GMm/R²
या, g=GM/R²
g=9.8m/s²

4. आर्किमीडीज का सिद्धांत क्या है? इस सिद्धांत के सत्यापन के लिए एक प्रयोग का वर्णन करें।

उत्तर-
जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो उसके भार में कमी प्रतीत होती है । भार में यह आभासी कमी उस वस्तु द्वारा हटाये गए द्रव के भार के बराबर होती है, इसे आर्किमिडीज का सिद्धान्त कहते हैं । माना किसी वस्तु का वायु में भार W1 है और इस वस्तु को आंशिक (या पूर्ण) रूप से द्रव में डुबाया जाता है तो वस्तु द्वारा विस्थापित किया गया द्रव का भार W2 है तो वस्तु के भार में कमी=W2 होगा।

5. किसी वस्तु के किसी द्रव में डूबने या तैरने की शर्तों को समझाएँ। द्रव की उत्प्लावकता के कुछ उपयोग भी बताएँ।

उत्तर-

आंकिक प्रश्न

1. 10 kg द्रव्यमान की एक वस्तु तथा 20 kg द्रव्यमान की एक दूसरी वस्तु के बीच की दूरी 5m है। इनके बीच लगनेवाले गुरुत्वाकर्षण बल की गणना करें। (G = 6.7 x 10-¹¹ Nm² / kg ² )

दिया गया है;
m1=10kg; m2=20kg; R=5m F=? अब न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम से;
F=(Gm1×m2)/R²
=(6.7×10-¹¹×10×20)/5²
=(6.7×10-¹¹×200)/25
=6.7×10-¹¹×8
=53.6×10-¹¹N Ans.

2. मंगल ग्रह का द्रव्यमान 6.4 x 10²³ kg है और उसकी त्रिज्या 3.4 x 10⁶m है, तो मंगल ग्रह की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान क्या होगा?

दिया गया है,
M=6.4×10²³ R=3.4×10⁶m (G = 6.7 x 10-¹¹ Nm²/ kg ² )
g=GM/R²
=(6.7×10-¹¹×6.4×10²³)/(3.4×10⁶)²
=(42.88×10¹²)/(11.56×10¹²)
=4288/1156
=3.7m/s² Ans.

3. 1.2 kg का एक पत्थर पृथ्वी द्वारा आकर्षित होकर नीचे की ओर गिरता है।
(क) पृथ्वी पर पत्थर कितना बल लगाता है ?
(ख) इस आकर्षण के कारण पृथ्वी का त्वरण क्या है ? (पृथ्वी का द्रव्यमान = 6.0 x 10²⁴ kg, g = 10 m/s²)

दिया गया है,
m2=1.2kg
(क)
F=mg
=1.2×10
=12N.
(ख)
F=Mg
g=F/M
=12/(6×10²⁴)
=2/(10²⁴)
=2×10-²⁴m/s²
[(क) F=12 N (ख) g=2×10²⁴ m/s²] Ans.

4. 126 km/h की चाल से कोई पत्थर सीधे ऊपर की ओर फेंका गया है। पत्थर द्वारा पहुँची गई महत्तम ऊँचाई निकालें।

दिया गया है,
u=126km/s=(126×5)/18m/s
=35m/s
h=(v²-u²)/2g
=(0²-35²)/(-10×2)
=-1225/(-20)
=1225/20
=61.25m
Ans.

5. कोई पत्थर किसी वेग से ऊर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर फेंका गया है और वह 80 m की ऊँचाई तक पहुँचता है। बताएँ कि
(क) पत्थर किस वेग से फेंका गया था तथा
(ख) महत्तम ऊँचाई तक पहुँचने में उसे कितना समय लगा था? (g = 10 m/s²)

दिया गया है,
h=80m
v=0m/s
(क)
u²=v²-2hg
=0²-2×80×(-10)
=1600
u=√1600
=40m/s
(ख)
t=(v-u)/g
=(0-40)/(-10)
=40/10
=4m/s
[(क) h=40 m/s; (ख)t= 4s ] Ans.

6. किसी पत्थर को किसी भवन की छत के किनारे से गिराया गया। यदि वह 2 m ऊँची खिड़की को 0.1 सेकंड में पार करे,तो खिड़की के ऊपरी किनारे से छत कितना ऊपर है?

दिया गया है,
t=0.1s;h1=2m;
g=9.8m/s²
h=ut+½gt²
2=u×0.1+9.8(0.1)²/2
2/0.1=u+4.9×(0.1)
20-0.49=u
u=19.51m/s
t=(v-u)/g
=(19.51-0)9.8
=19.51/9.80
=1951/980
=1.99
h=ut+½gt²
=0×1.99 + 9.8×(1.99)²/2
=4.9×1.99×1.99
=19.4m Ans.

7. यदि पृथ्वी पर आपका भार 50 किलोग्राम भार हो तो आपको पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई तक जाना पड़ेगा ताकि आपका भार 25 किलोग्राम भार रह पाए ?

दिया गया है,
w1=50kg,W2=25kg.
w1/w2=[(R+h)/R]²
50/25=(R+h)²
2R²=(R+h)²
R√2=R+h
h=R√2-R
=6400√2-6400
=9050-6400
=2650km. Ans.

8. यदि कोई ऐसा ग्रह हो जिसका द्रव्यमान पृथ्वी से दोगुना तथा त्रिज्या तीन गुनी हो, तो उस ग्रह की सतह पर 9.0 kg द्रव्यमान की वस्तु का भार क्या होगा?

दिया गया है,
g=GM/R²
=G×2M/(3R)²
=(GM/R²)×(2/9)
=9.8×(2/9)
=19.6/9m/s²
F=mg
F=9×19.6/9.
=19.6 N. Ans.

9. पृथ्वी पर एक व्यक्ति का भार 600 N है। पृथ्वी की अपेक्षा चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण g का मान 1/6 है।
(क) चंद्रमा पर व्यक्ति का भार कितना होगा?
(ख) यदि वह व्यक्ति पृथ्वी पर 2.0m की ऊँचाई तक कूद सकता है, तो चंद्रमा पर वह कितना ऊँचा कूद सकेगा ?
(ग) व्यक्ति का पृथ्वी पर द्रव्यमान कितना है?
(घ) व्यक्ति का चंद्रमा पर कितना द्रव्यमान है ? (g = 10m / s 2)

(क)
चंद्रमा पर व्यक्ति का भार
=600×⅙
=100 N.
(ख)
h=2÷⅙
=12m.
(ग)
m=F/g
=600/10
=60kg.
(घ)
m=F/g
=100/(10/6)
=100×6/10
=60kg.
[(क) W=100 N (ख)h=12m (ग) m=60 kg (घ) m=60kg] Ans.

10. 12 Pa का दाब उत्पन्न करने के लिए 1 cm² क्षेत्रफल पर कितना बल आरोपित करना होगा?

दिया गया है,
दाब=12pa,
क्षेत्रफल=1cm²
=(1/100)²m²
=1/10000m²
=10-⁴m²
दाब=बल/क्षेत्रफल
बल=दाब× क्षेत्रफल
=12×10-⁴N
Ans.

11. 7.5 विशिष्ट घनत्व की एक वस्तु का भार हवा में 0.03 kg है। पानी में उसका भार बताएँ।

दिया गया है,
विशिष्ट घनत्व=7.5; Wa=0.03kg; Ww=? विशिष्ट घनत्व=Wa/(Wa-Ww)
या,7.5=0.03/(0.03-Ww)
या,0.03-Ww=0.03/7.5
या,0.03-0.03/7.5=Ww
या,Ww=0.03-0.004
Ww=0.026kg. Ans.

12. किसी ठोस पदार्थ का भार हवा में 3N है। उसी ठोस का किसी द्रव में भार 2.6 N तथा पानी में 2.5 N है। द्रव का आपेक्षिक घनत्व क्या है?

द्रव का आपेक्षिक घनत्व
=द्रव में भार में कमी/पानी में भार कमी
=(3-2.6)/(3-2.5)
=0.4/0.5
=4/5
=0.8 Ans.
[उत्तर -0.8]